राजस्थान वार्ता की संपादकीय नीति है कि हर स्थानीय खबर में स्थान, समय, स्रोत और प्रभावित लोगों की स्थिति स्पष्ट की जाए। मौसम की खबर में चेतावनी के साथ सड़क, खेत और जलाशय का असर बताया जाएगा। प्रशासनिक खबर में आदेश के साथ लागू होने की प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी दी जाएगी।\n\nआरोपों को आरोप के रूप में और बदलते आंकड़ों को अपडेट के साथ प्रकाशित किया जाएगा। पाठकों को सनसनी नहीं, ऐसी जानकारी चाहिए जिससे वे अपने जिले और समुदाय के बारे में समझदारी से निर्णय ले सकें।
स्थानीय खबर में स्रोत और असर दोनों जरूरी हैं

