पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से काफी कम बारिश होने पर गर्मी, चारे, पशुपालन और पेयजल पर दबाव बढ़ सकता है। बाद में हुई तेज बारिश इस कमी को पूरी तरह नहीं भरती, क्योंकि पानी का उपयोग और संचयन स्थान और समय पर निर्भर करता है।\n\nस्थानीय प्रशासन को टैंकर, पशु चारा, जलस्रोत और खेतों की स्थिति पर पहले से योजना बनानी चाहिए। ग्रामीण परिवारों को मौसम और कृषि सलाह विश्वसनीय स्रोत से लेनी चाहिए।\n\nराजस्थान वार्ता पश्चिमी जिलों की स्थानीय स्थिति को राज्य के औसत से अलग स्पष्ट करेगा।
राजस्थान के पश्चिमी जिलों में बारिश की कमी का असर समझना जरूरी

