राजस्थान में मानसून सामान्य समय से करीब सात दिन बाद सक्रिय हुआ। मौसम विभाग ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है। बारिश की मात्रा और उसका वितरण दोनों महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि राज्य के जिलों में जल उपलब्धता बहुत अलग है।\n\nएक सप्ताह में सामान्य से कम बारिश का अर्थ यह नहीं कि आगे सूखा तय है, लेकिन जलाशयों, खेतों और शहरों की तैयारी जरूरी हो जाती है। तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क की समस्या हो सकती है।\n\nराजस्थान वार्ता मौसम चेतावनी के साथ जलाशय, खेती और स्थानीय प्रशासन की तैयारी पर भी नजर रखेगा।
राजस्थान में मानसून की देरी ने जल प्रबंधन की चिंता बढ़ाई

